Copy Poem you Need, and just Paste it to Your Friends Scrapbook..... It's Easy

Thursday, April 8, 2010

हर पल पूरी तरह से जीता हूँ

ज़िंदगी का हर पल पूरी तरह से जीता हूँ..
हमेशा हंसना और दूसरों को हसाना आदत है।
*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸
गम मे भी मुस्कुराना चाहता हूँ मैं,
तुम्हें भुलाके नई दुनिया बसाना चाहता हूँ मैं;
मगर न जाने क्यूँ निकल आते हैं आँसू,
जब भी तुम्हें भुलाना चाहता हूँ मैं!
*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸.
आँसू को बहुत समझाया तनहाई मे आया करो,

महफिल मे हमारा मज़ाक न उड़ाया करो,
इस पर आँसू तड़प कर बोले.
इतने.लोगों मे आपको तनहा पाते हैं ,,
बस इसलिए चले आते हैं!!
*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸
यूँ दूर रह कर दूरियों को बढ़ाया नहीं करते,
अपने दीवाने को सताया नहीं करते;
क्यूँ इस तरह से यह दर्द हमें दे रहे हो,
इस तरह से प्यार करने वालों को सताया नहीं करते!
*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸.•*´¨`*•.¸¸.•**´¨
अब आँसुओं को आँखों मे सजाना होगा,
चिराग बुझ गए खुद को जलाना होगा;
न समझना कि तुम से बिछड़ कर खुश हैं,
हमे लोगों की खातिर मुस्कुराना होगा!!

No comments:

Post a Comment